बारिश में देरी से सोयाबीन की खेती प्रभावित
मध्यप्रदेश में मॉनसून को पहुंचने में कुछ और देरी हो सकती है। भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि अब 23 जून तक ही मॉनसून मध्यप्रदेश पहुंच सकेगा और इसके बाद मॉनसून 24 जून तक भोपाल और 26 जून तक पूरे प्रदेश में फैल जाएगा। गौर करने वाली बात ये है कि मध्यप्रदेश में पहले मॉनसून को 15 जून के आसपास आने का अनुमान था। लेकिन अब मौसम विभाग खुद इसके आने की तारीख अब आगे खिसका रहा है। हालांकि इसके बावजूद मौसम विभाग इस एक हफ्ते को देरी नहीं मान रहा है।
वैसे मौसम विभाग भले मॉनसून में देरी नहीं मान रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश में सोयाबीन की खेती प्रभावित होनी शुरू हो गई है। सीएनबीसी-आवाज़ को जानकारी मिली है कि दो हफ्ते पहले कुछ इलाकों में प्री मॉनसून बारिश के बाद जिन किसानों ने सोयाबीन की बुआई की थी, उनकी फसल खराब हो रही है। कुछ इलाकों में तो सोयाबीन की दोबारा खेती की नौबत आ गई है। गौर करने वाली बात ये है कि सोयाबीन की बुआई जून के दूसरे हफ्ते से शुरू हो जाती है। लेकिन पिछले एक हफ्ते से राज्य के कई इलाकों में प्री मॉनसून बारिश भी नहीं हो सकी है।
वैसे मौसम विभाग भले मॉनसून में देरी नहीं मान रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश में सोयाबीन की खेती प्रभावित होनी शुरू हो गई है। सीएनबीसी-आवाज़ को जानकारी मिली है कि दो हफ्ते पहले कुछ इलाकों में प्री मॉनसून बारिश के बाद जिन किसानों ने सोयाबीन की बुआई की थी, उनकी फसल खराब हो रही है। कुछ इलाकों में तो सोयाबीन की दोबारा खेती की नौबत आ गई है। गौर करने वाली बात ये है कि सोयाबीन की बुआई जून के दूसरे हफ्ते से शुरू हो जाती है। लेकिन पिछले एक हफ्ते से राज्य के कई इलाकों में प्री मॉनसून बारिश भी नहीं हो सकी है।

Soyabean trading is done by many traders and its prices affects the commodity market and also the investments made by traders. Commodity market is very huge. Hence, it is very risky too. Commodity tips
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